मेरठ। सदर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की 116 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक रथयात्रा प्रशासन की देखरेख में निकाली गई। भारी पुलिस बल और सुरक्षा व्यवस्था के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा चांदी के रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकले। मंदिर से जुड़े विवाद के चलते इस बार रथयात्रा शुरू होने से पहले ही माहौल संवेदनशील बना रहा।
यात्रा के दौरान रथ पर बैठने के मुद्दे ने एक बार फिर विवाद का रूप ले लिया। दो महिलाओं ने रथ के आगे चल रहे श्रद्धालुओं को रोकने की मांग करते हुए पुलिस से आपत्ति जताई। कुछ देर तक मौके पर तीखी बहस हुई, जिसके बाद महिला पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया। इसके बाद यात्रा निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ी।
इस बार प्रशासन ने वर्षों से रथ पर विराजमान होने वाले पुजारियों को केवल पूजा-अर्चना तक सीमित रखा। इस निर्णय पर मंदिर पक्ष ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें कोई लिखित आदेश नहीं दिया गया। उनका दावा है कि धार्मिक परंपराओं का पालन होना चाहिए और इस संबंध में मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है।
वहीं दूसरे पक्ष ने प्रशासन के फैसले का सम्मान करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल रथयात्रा का शांतिपूर्ण और सफल आयोजन है। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई और पूरे मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
श्रद्धा, परंपरा और कानूनी विवाद के बीच निकली इस बार की जगन्नाथ रथयात्रा पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी रही। प्रशासन ने यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरे मार्ग पर लगातार निगरानी बनाए रखी।