सामाजिक न्याय और राजनीतिक भागीदारी को बनाया चुनावी मुद्दा, देवेंद्र कश्यप को सौंपी गई मोर्चे की कमान
मेरठ। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर मेरठ की सियासत में नए राजनीतिक समीकरण बनने लगे हैं। इंडियन जनसेवा दल ने जिले की सभी सात विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। इसके लिए कर्पूरी मोर्चा का गठन कर चुनावी मैदान में उतरने की रणनीति तैयार की गई है। मोर्चे का अध्यक्ष देवेंद्र कश्यप (सामाजिक न्याय पार्टी) को बनाया गया है।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनेश ठाकुर ने प्रेस वार्ता में कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य उन जातियों और वर्गों को राजनीतिक भागीदारी दिलाना है, जिन्हें आजादी के बाद से सत्ता और राजनीति में अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि संगठन की लड़ाई जातिवाद के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए है।

बैठक में बुद्ध प्रकाश सैनी (राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी), राजेश तुराहा सहित कई नेता मौजूद रहे। इस दौरान सैन, पाल, प्रजापति, कश्यप, तुराहा, सैनी और कुशवाहा समाज की एकजुटता पर जोर दिया गया।
बड़े दलों पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप
विनेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय बड़े राजनीतिक दल इन समाजों को टिकट देने और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने का भरोसा देते हैं, लेकिन चुनाव नजदीक आने पर अपने वादों से पीछे हट जाते हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी सहित अन्य राजनीतिक दलों पर भी वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अब इन वर्गों को अपनी राजनीतिक ताकत पहचानकर खुद आगे आना होगा।
आरक्षण के लाभ पर उठाए सवाल
प्रेस वार्ता में आरक्षण और सामाजिक न्याय का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। विनेश ठाकुर ने कहा कि आरक्षण लागू होने के बावजूद यदि समाज के कुछ वंचित वर्ग अपेक्षित प्रगति नहीं कर पाए हैं तो सरकारों को इसकी जवाबदेही तय करनी चाहिए। आरक्षण का वास्तविक लाभ जरूरतमंद और पिछड़े वर्गों तक प्रभावी तरीके से पहुंचना चाहिए।
उन्होंने राहुल गांधी के चुनाव आयोग से जुड़े विरोध प्रदर्शन पर भी टिप्पणी करते हुए इसे राजनीतिक ड्रामा करार दिया। उनका कहना था कि राजनीतिक दलों को बेरोजगारी, शिक्षा और आर्थिक अवसर जैसे बुनियादी मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए।
आधा दर्जन रैलियां कर चुका है संगठन
विनेश ठाकुर ने बताया कि इंडियन जनसेवा दल अब तक करीब आधा दर्जन रैलियां आयोजित कर चुका है। संगठन मेरठ के अलावा पूर्वांचल के कई जिलों में भी जमीनी स्तर पर अपनी गतिविधियां चला रहा है।
मेरठ की सातों विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद अब संगठन जनसंपर्क अभियान तेज करने और प्रत्याशियों के चयन की तैयारी में जुटेगा। कर्पूरी मोर्चा के जरिए विभिन्न सामाजिक वर्गों को एक मंच पर लाकर आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की तैयारी की जा रही है।