मेरठ। मेरठ में प्रॉपर्टी पर कब्जे को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जमीन पर कब्जा करने की नीयत से पहले भगवान की मूर्ति रखी गई और बाद में उसे खंडित कर दिया गया। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने फर्जी मुकदमों में फंसाने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
ग्रामीणों के मुताबिक, प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा है। आरोप है कि इस विवाद के बीच पहले भगवान की मूर्ति रखी गई और उसके बाद उसे खंडित कर दिया गया। ग्रामीणों ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
फर्जी मुकदमों में फंसाने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रॉपर्टी विवाद के चलते उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसाने की कोशिश की जा रही है। इसी शिकायत को लेकर ग्रामीण SSP कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखते हुए न्याय की मांग की।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
SSP कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, भगवान की मूर्ति खंडित किए जाने के आरोपों की जांच करने और प्रॉपर्टी विवाद में कथित तौर पर उन्हें परेशान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।