ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर मेरठ में जोरदार हंगामा, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का बलप्रयोग
मेरठ कलेक्ट्रेट के बाहर बुधवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब ललिता गौतम हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन करने पहुंचे। प्रदर्शनकारी डीएम को ज्ञापन सौंपना और धरना देना चाहते थे, लेकिन कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद होने के कारण उन्हें बाहर ही रोक दिया गया।
गेट नहीं खुलने पर प्रदर्शनकारी सड़क पर धरने पर बैठ गए। पुलिस अधिकारियों ने काफी देर तक उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब वे नहीं माने तो शाम करीब 4:30 बजे पुलिस ने हल्का बलप्रयोग करते हुए लाठीचार्ज कर भीड़ को हटाया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस वैन में बैठाकर पुलिस लाइन ले जाया गया। पुलिस उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुटी है।
मौके पर एसपी देहात, एसपी ट्रैफिक और बाद में एसएसपी भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। पुलिस ने सड़क खाली कराई ताकि यातायात और आम लोगों की आवाजाही बहाल हो सके।
एसएसपी अविनाश पांडेय के अनुसार, ललिता गौतम हत्याकांड का खुलासा पहले ही किया जा चुका है। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस का कहना है कि हत्या व्यक्तिगत विवाद और शक के चलते हुई थी। प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक अपनी बात रखने की अनुमति थी, लेकिन सड़क जाम करने के कारण कानून-व्यवस्था प्रभावित होने लगी, जिसके बाद बलप्रयोग कर उन्हें हटाया गया।
अब बड़ा सवाल—क्या न्याय की मांग करने वालों पर लाठीचार्ज जरूरी था, या हालात संभालने का कोई दूसरा रास्ता निकाला जा सकता था?