मेरठ। ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर मेरठ में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज के मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मामले का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण और गृह सचिव संजय प्रसाद को नोटिस जारी किया है।
आयोग ने दोनों अधिकारियों से 15 दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। आयोग के समक्ष दायर शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मेरठ में न्याय की मांग कर रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बिना किसी उकसावे के पुलिस ने बर्बर लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोगों को गंभीर चोटें आईं।

मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने प्रथम दृष्टया माना कि शिकायत में लगाए गए आरोप मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़े प्रतीत होते हैं। इसी आधार पर आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत मामले का संज्ञान लिया।
शिकायतकर्ता सुनील अहिरवार ने आयोग को दिए अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि ललिता गौतम हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। अब आयोग की कार्रवाई के बाद इस पूरे मामले पर प्रदेश पुलिस और गृह विभाग की जवाबदेही तय होने की संभावना बढ़ गई है।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस विभाग आयोग के नोटिस का क्या जवाब देते हैं और आगे इस मामले में क्या कार्रवाई होती है।