मेरठ। हापुड़ रोड स्थित ग्रैंड स्क्वेयर कॉम्प्लेक्स एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इससे पहले आवास विकास की टीम ने कार्रवाई करते हुए परिसर को सील किया था। उस समय अधिकारियों की ओर से बताया गया था कि कॉम्प्लेक्स का फायर विभाग से स्वीकृत नक्शा और आवश्यक फायर एनओसी उपलब्ध नहीं है, जबकि बेसमेंट का उपयोग पार्किंग के बजाय व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किए जाने के आरोप भी सामने आए थे।
बाद में न्यायालय के आदेश के बाद परिसर को खोला गया, लेकिन आदेश में यह भी कहा गया था कि सभी निर्धारित मानकों और आवश्यक अनुमतियों के पूरा होने के बाद ही संचालन की अनुमति दी जाए। इसके बावजूद सवाल उठ रहे हैं कि यदि अभी तक फायर एनओसी स्वीकृत नहीं हुई है, तो आवास विकास परिषद ने किस आधार पर परिसर के संचालन की अनुमति दी।
सूत्रों के अनुसार, मेरठ के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) कार्यालय से जानकारी मिली है कि ग्रैंड स्क्वेयर कॉम्प्लेक्स की फायर एनओसी अभी स्वीकृत नहीं हुई है। ऐसे में यह मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या कार्रवाई केवल शास्त्री नगर के छोटे व्यापारियों और छोटे निर्माणों तक सीमित रहेगी, या फिर बड़े और प्रभावशाली लोगों के खिलाफ भी समान रूप से नियमों का पालन कराया जाएगा। लोगों के बीच यह चर्चा है कि क्या आर्थिक और प्रभावशाली ताकत के दम पर नियमों को दरकिनार किया जा सकता है, या संबंधित विभाग सभी के लिए एक समान कार्रवाई करेगा।