किसान घाट से संसद भवन तक शांतिपूर्ण पैदल मार्च की तैयारी, 15 जाट संगठनों ने मिलकर बनाई रणनीति
मेरठ/दिल्ली। जाट आरक्षण की मांग को लेकर एक बार फिर जाट संगठनों ने बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। केंद्रीय सेवाओं में जाट आरक्षण की मांग को लेकर 12 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में किसान घाट से संसद भवन तक शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकालने का ऐलान किया गया है। आयोजकों के मुताबिक मार्च से पहले भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके बाद जाट समाज के लोग अपनी मांग को लेकर पैदल मार्च करते हुए ज्ञापन सौंपने की तैयारी में हैं।
15 संगठनों की बैठक में बना संयुक्त जाट मोर्चा
मेरठ में राष्ट्रीय जाट महासभा के कार्यालय पर देशभर के जाट संगठनों की बैठक आयोजित हुई। रिपोर्ट के अनुसार बैठक में 15 जाट संगठनों के प्रतिनिधियों ने 12 अक्टूबर के प्रस्तावित आंदोलन को सफल बनाने पर सहमति जताई और इसी दौरान ‘संयुक्त जाट मोर्चा’ के गठन का निर्णय लिया गया।
बैठक में हरवीर सिंह सुमन की अध्यक्षता में मोर्चे के गठन की प्रक्रिया हुई और रिपोर्ट के मुताबिक चौधरी सचिन सरोहा को संयुक्त जाट मोर्चे का संयोजक चुना गया। विभिन्न जाट संगठनों के प्रतिनिधियों ने आंदोलन में सहयोग का भरोसा जताया।
किसान घाट से संसद भवन तक पहुंचेगा मार्च
आंदोलन की घोषित रणनीति के मुताबिक 12 अक्टूबर को जाट समाज के लोग दिल्ली के किसान घाट स्थित चौधरी चरण सिंह की समाधि स्थल पर एकत्र होंगे। वहां श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद संसद भवन की ओर शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला जाएगा।
आयोजकों का कहना है कि इस मार्च के जरिए जाट आरक्षण की मांग को लेकर सरकार के समक्ष अपनी बात मजबूती से रखी जाएगी और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
आरक्षण के मुद्दे पर संगठनों की एकजुटता
बैठक में अंतरराष्ट्रीय जाट संसद, दिल्ली जाट महासभा, अखिल भारतीय जाट एसोसिएशन, अखिल भारतीय जाट महासंघ, आदर्श जाट महासभा और जाट महासभा मेरठ सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी की जानकारी सामने आई है।
अब 12 अक्टूबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च को लेकर जाट संगठनों की तैयारियां तेज होने लगी हैं। सोशल मीडिया पर भी ‘12 अक्टूबर दिल्ली चलो’ और जाट आरक्षण मार्च से जुड़े संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं।
क्या होगा 12 अक्टूबर को?
• किसान घाट पर जुटान
• चौधरी चरण सिंह की समाधि पर श्रद्धांजलि
• संसद भवन की ओर शांतिपूर्ण पैदल मार्च
• जाट आरक्षण की मांग को लेकर ज्ञापन
• संयुक्त जाट मोर्चे के नेतृत्व में आंदोलन
फिलहाल इस पूरे कार्यक्रम को लेकर आयोजकों की ओर से शांतिपूर्ण मार्च की बात कही गई है। 12 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाला यह कार्यक्रम जाट आरक्षण की मांग को लेकर संगठनों की एकजुटता का बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है।