मेरठ। राष्ट्रीय मानव एकता संघ की ओर से रविवार को शर्मा स्मारक सभागार में वाल्मीकि महासम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व संघ के उपाध्यक्ष विजेंद्र सूद ने किया, जबकि संचालन रवि नारायणी ने किया। सम्मेलन में समाज के उत्थान, शिक्षा, संगठन और नशामुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष सत्यपाल सिंह कर्णवाल ने की। वहीं संघ के संस्थापक सुनील जैनवाल ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि समाज के लोगों को नशे की लत, फिजूलखर्ची और आपसी मतभेदों से बाहर निकलकर शिक्षा और संगठन को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाना ही समाज की तरक्की की सबसे बड़ी कुंजी है।
उन्होंने लोगों से शराब, मांस और अन्य नशे की प्रवृत्तियों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि मेहनत की कमाई को परिवार और बच्चों के भविष्य पर खर्च करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षित और संगठित समाज ही अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है और विकास की नई राह पर आगे बढ़ सकता है।
सम्मेलन में वक्ताओं ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने, समाज में एकजुटता बढ़ाने और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का आह्वान किया। साथ ही समाज के लोगों से संगठित होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की गई।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय मानव एकता संघ के पदाधिकारियों ने उपाध्यक्ष विजेंद्र सूद को समाजहित में किए जा रहे कार्यों के लिए शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी समाज के उत्थान के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।