मेरठ। बुढ़ाना गेट स्थित जिमखाना मैदान में आयोजित रामलीला महोत्सव के दूसरे दिन भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर ताड़का वध तक की लीलाओं का भव्य मंचन किया गया। भगवान श्रीराम के जन्म का दृश्य देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा और भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम के दर्शन किए।
श्री सनातन धर्म रक्षिणी सभा (पंजीकृत), मेरठ शहर के तत्वावधान में तथा श्री रामलीला कमेटी (पंजीकृत), मेरठ शहर द्वारा आयोजित रामलीला महोत्सव का शुभारंभ मुख्य उद्घाटनकर्ता विवेक शेखर की उपस्थिति में हुआ। मुख्य पूजनकर्ता प्रदीप बंसल रहे, जबकि प्रसाद सेवा का पुण्य कार्य डॉ. ब्रजभूषण की ओर से किया गया।
श्रीराम जन्मोत्सव ने मोहा मन
रामलीला में दर्शाया गया कि महाराज दशरथ की संतान प्राप्ति की इच्छा पूरी करने के लिए श्रृंगी ऋषि ने पुत्रकामेष्टि यज्ञ कराया। यज्ञ के बाद अग्निदेव ने खीर प्रदान की, जिसे महाराज दशरथ ने अपनी तीनों रानियों में वितरित किया। इसके फलस्वरूप चैत्र शुक्ल नवमी को माता कौशल्या के गर्भ से भगवान श्रीराम का जन्म हुआ। प्रभु के जन्म का दृश्य देखते ही राजमहल में खुशियां छा गईं। मंचन के दौरान श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए।
बाल लीलाओं से लेकर ताड़का वध तक का मंचन
भगवान श्रीराम की बाल लीलाओं का मनोहारी मंचन किया गया। इसके बाद ऋषि विश्वामित्र के महाराज दशरथ के दरबार में पहुंचने और यज्ञ की रक्षा के लिए श्रीराम एवं लक्ष्मण को साथ ले जाने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया।
आगे की लीला में यज्ञ में विघ्न डालने वाले राक्षसों के आतंक को दिखाया गया। भगवान श्रीराम ने सुबाहु का वध किया, जबकि मारीच को अपने बाण से दूर समुद्र की ओर पहुंचा दिया। इसके बाद ऋषि विश्वामित्र के आदेश पर भगवान श्रीराम ने ताड़का का वध कर ऋषियों को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई। धर्म की रक्षा और अधर्म के विनाश का संदेश देने वाली इन लीलाओं ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
आज होगा जनकपुरी प्रवेश और धनुष यज्ञ
रामलीला कमेटी के अनुसार, 11 अक्टूबर 2026 को जनकपुरी प्रवेश, नगर भ्रमण, पुष्प वाटिका, गिरजा पूजा, धनुष यज्ञ तथा लक्ष्मण-परशुराम संवाद की लीलाओं का मंचन किया जाएगा।
हजारों श्रद्धालु रहे मौजूद
इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष मनोज गुप्ता (राधा गोविंद मंडप), महामंत्री मनोज अग्रवाल (खद्दर वाले), कोषाध्यक्ष योगेंद्र अग्रवाल बबलू, राकेश गर्ग, रोहताश प्रजापति, राकेश शर्मा, राजन सिंघल, विपुल सिंघल, मयंक अग्रवाल, संदीप गोयल रेवड़ी, मयूर अग्रवाल, अपार मेहरा, विपिन अग्रवाल, लोकेश शर्मा, मनोज दवाई, मनोज वर्मा, पार्षद पंकज गोयल और अनिल वर्मा सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
रामलीला महोत्सव के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के आदर्शों, धर्म की रक्षा और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।