मेरठ के सकेत स्थित मां बगलामुखी मंदिर में दसों महाविद्याएं विराजमान, आचार्य प्रदीप गोस्वामी ने नवरात्रि में पूजा-पाठ, संयम और सेवा का दिया संदेश
मेरठ। नवरात्रि के पावन अवसर पर मां भगवती की आराधना का विशेष महत्व है। सकेत, मेरठ स्थित मां बगलामुखी मंदिर के आचार्य प्रदीप गोस्वामी ने श्रद्धालुओं को नवरात्रि के दौरान पूजा-पाठ, मंत्र-जाप और सात्विक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
आचार्य प्रदीप गोस्वामी के अनुसार, मंदिर में मां बगलामुखी के साथ दसों महाविद्याएं प्रतिष्ठित हैं। इसके अलावा मां चामुंडा भी विराजमान हैं, जिन्हें मां दुर्गा का एक स्वरूप माना जाता है। नवरात्रि के दौरान साधक विशेष रूप से शक्ति की उपासना करते हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि नवरात्रि के नौ दिनों में अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करें। घरों में भी प्रतिदिन पाठ, मंत्र-जाप और भक्ति के लिए समय निकालें। जरूरतमंदों को भोजन कराना और दूसरों की सहायता करना भी धार्मिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
लड़ाई-झगड़े से बचें, सकारात्मकता अपनाएं
आचार्य प्रदीप गोस्वामी ने कहा कि नवरात्रि के दिनों में शांत रहना, किसी से विवाद न करना और अपशब्दों से बचना चाहिए। धार्मिक आस्था के साथ अच्छे आचरण और सेवा भाव को भी महत्व देना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पूजा के दौरान दीपक या ज्योति हवा अथवा किसी अन्य कारण से बुझ जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है। उसे दोबारा प्रज्वलित किया जा सकता है। ऐसी परिस्थितियों को लेकर मन में अनावश्यक भय नहीं रखना चाहिए।
आचार्य ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि नवरात्रि के नौ दिनों में मां भगवती की आराधना करें और अपने जीवन में शांति, संयम, सेवा तथा सद्भाव को अपनाएं।