मेरठ। दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर सियासत तेज हो गई है। नगीना से सांसद Chandrashekhar Azad को शुक्रवार दोपहर मेरठ के सिवाया टोल प्लाजा पर उस समय रोक दिया गया, जब वह पीड़ित परिवार से मिलने गांव जा रहे थे।
सांसद चंद्रशेखर आजाद पूर्व एडीजी प्रेम प्रकाश और बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ सिवाया टोल पहुंचे, जहां पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
काफिला रोके जाने पर चंद्रशेखर आजाद ने नाराजगी जताते हुए कहा, "हमने कौन सा अपराध किया है? हम सिर्फ दलित छात्रा के परिवार से मिलने जा रहे थे। पुलिस हमें रोककर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है।"
कुछ देर तक पुलिस और सांसद के बीच बातचीत चली, लेकिन गांव जाने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद सांसद अपने समर्थकों के साथ सड़क पर धरने पर बैठ गए। हालात को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को सिवाया टोल बुलाने का प्रस्ताव रखा। काफी देर की बातचीत के बाद इस पर सहमति बनी और पीड़ित परिवार टोल प्लाजा पहुंचा, जहां सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उनसे मुलाकात की।
इस दौरान पूर्व एडीजी प्रेम प्रकाश ने भी मेरठ पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले में शुरुआत से ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न हैं और पीड़ित परिवार को समय पर न्याय मिलना चाहिए।
गौरतलब है कि बीए की छात्रा ललिता गौतम 15 मई को परीक्षा देने निकली थी। दो दिन बाद उसका शव गन्ने के खेत में मिला था। परिजनों ने गैंगरेप के बाद हत्या का आरोप लगाया है। इसी मामले को लेकर हाल ही में कलेक्ट्रेट पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद तथा लाठीचार्ज का मामला भी सामने आया था।