मेरठ। सेंट्रल मार्केट विवाद को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी और प्रमुख सचिव (आवास एवं नगर विकास) पी. गुरु प्रसाद ने कमिश्नरी सभागार में प्रभावित व्यापारियों और ईडब्ल्यूएस परिवारों के साथ बैठक की। करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में दोनों पक्षों की समस्याएं और सुझाव सुने गए।
बैठक दो चरणों में हुई। पहले चरण में ईडब्ल्यूएस और छोटे प्लॉट धारकों से चर्चा की गई, जबकि दूसरे चरण में उन 44 भवनों के मालिकों से बातचीत हुई जिन पर सीलिंग की कार्रवाई की गई है।

अवनीश अवस्थी ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पूरी तरह पालन करेगी, लेकिन आदेश की सीमा में रहते हुए प्रभावित लोगों को राहत देने और स्थायी समाधान निकालने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि व्यापारियों के पुनर्वास और रोजगार प्रभावित न हो, इसके लिए स्थायी और अस्थायी दुकानों के विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि ऐसा समाधान निकले जिससे लोगों की समस्या का स्थायी निस्तारण हो और बार-बार अदालत का रुख न करना पड़े। इस पूरे मामले की समीक्षा के लिए अगले 10 दिनों में दोबारा मेरठ आकर प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद तैयार रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी।
बैठक में शामिल व्यापारी प्रतिनिधियों ने अधिकारियों से मांग की कि जिन भवनों को नियमानुसार बचाया जा सकता है, उन्हें राहत दी जाए। व्यापारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण प्रशासन के पास सीमित विकल्प हैं, लेकिन कार्रवाई से कारोबार और आजीविका पर गंभीर असर पड़ रहा है।
अब सभी की निगाहें सरकार की अगली समीक्षा बैठक और सुप्रीम कोर्ट में पेश होने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं।