Friday, July 24, 2026
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एमआईटी में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ, 148 शोध पत्र होंगे प्रस्तुत

✍️ Vipul Singhal 🗓️ 24 Jul 2026, 05:26 PM
एमआईटी में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ, 148 शोध पत्र होंगे प्रस्तुत

मेरठ। परतापुर बाईपास स्थित मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में शुक्रवार को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवीनतम नवाचारों पर आधारित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। मेरठ उद्यमी फाउंडेशन एवं एमआईटी के अप्लाइड साइंस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आईआईटी दिल्ली के प्रो. (डॉ.) अनुराग शर्मा, कैंपस निदेशक डॉ. के.एल.ए. खान, प्रिंसिपल डॉ. हिमांशु शर्मा, प्रिंसिपल (फार्मेसी) डॉ. नीरज कांत शर्मा, सम्मेलन संयोजक डॉ. गौरव शर्मा एवं मीडिया हेड अजय चौधरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर सम्मेलन की शोध पत्रिका (कॉन्फ्रेंस प्रोसीडिंग्स) का भी विमोचन किया गया।

सम्मेलन के पहले दिन 75 शोध पत्रों पर तकनीकी सत्र एवं विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किए गए। दो दिवसीय इस सम्मेलन में कुल 148 शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।

मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) अनुराग शर्मा ने विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अनुसंधान के महत्व पर बल देते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति में शोध की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने युवाओं से वैज्ञानिक सोच विकसित कर वैश्विक चुनौतियों के समाधान खोजने का आह्वान किया।

कैंपस निदेशक डॉ. के.एल.ए. खान ने कहा कि एमआईटी भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक एवं शोध कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, जिससे विद्यार्थियों को वैश्विक विशेषज्ञों से सीखने और शोध संस्कृति को मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

सम्मेलन संयोजक डॉ. गौरव शर्मा ने बताया कि सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डेटा साइंस, रिन्यूएबल एनर्जी, एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग एवं मैनेजमेंट सहित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विभिन्न समकालीन विषयों पर शोध प्रस्तुत किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 148 शोध पत्रों में दक्षिण अमेरिका, मलेशिया और स्पेन सहित कई देशों के शोधकर्ताओं का योगदान शामिल है।

उन्होंने बताया कि सम्मेलन में दिल्ली, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सहित देशभर के शिक्षाविद एवं शोधकर्ता शामिल हुए हैं। हाइब्रिड मोड में आयोजित इस सम्मेलन में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सहभागिता कर रहे हैं।

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