मेरठ विकास प्राधिकरण पर उठे सवाल, मुख्यमंत्री से जांच और कार्रवाई की मांग
मेरठ। मेरठ विकास प्राधिकरण के जेई राकेश राणा के क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध कॉम्प्लेक्सों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि पिछले कई वर्षों में जितने अवैध निर्माण नहीं हुए, उससे अधिक निर्माण पिछले छह महीनों के दौरान तेजी से खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि लिसाड़ी गेट क्षेत्र में कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हुए हैं। फलक मंडप, फतेहपुर रोड, श्याम नगर रोड, नाले वाली रोड, ऊंचा सादिक नगर समेत अन्य इलाकों में कथित तौर पर अंधाधुंध निर्माण कार्य किए गए हैं। लोगों का कहना है कि बीते छह महीनों में जितना अवैध निर्माण हुआ है, उतना पिछले कई वर्षों में नहीं हुआ।
आरोप यह भी हैं कि कई मामलों में केवल नोटिस चस्पा कर औपचारिकता पूरी कर दी जाती है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहता है और कॉम्प्लेक्स तैयार हो जाते हैं। शिकायतों और आरटीआई के जवाब समय पर नहीं दिए जाने की बात भी सामने आ रही है।

लाला का बाजार स्थित एक परिसर का उदाहरण देते हुए स्थानीय लोगों ने दावा किया कि पहले परिसर पर नक्शा पास होने का बोर्ड लगाया गया था, लेकिन बाद में नक्शा स्वीकृत न होने की बात सामने आने पर भवन को सील कर दिया गया। इसके बावजूद निर्माण कार्य पूरा हो जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
इन आरोपों के बीच क्षेत्र के लोगों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मेरठ विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय जांच कराने और यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
हालांकि, इन आरोपों पर मेरठ विकास प्राधिकरण अथवा संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।