पंचदिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का हुआ समापन, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच स्थापित हुई माता प्रत्यंगिरा निकुंबला देवी की प्रतिमा।
आचार्य प्रदीप गोस्वामी जी ने बताया
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा से पहले सनातन परंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ, भगवान बलराम और देवी सुभद्रा का 108 पवित्र जल-घड़ों से विशेष स्नान कराया जाता है। इस अनुष्ठान को स्नान पूर्णिमा या सहस्त्रधारा स्नान कहा जाता है।